Mehendipur Balaji मंदिर का रहस्य | Balaji Mandir History In Hindi

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मंदिरों में आपने घंटियों की और आर्तियों की आवाजे तो सुनी होंगी लेकिन आज हम जिस मंदिर के बारे में जानने वाले है. उसमे सिर्फ चीखे सुनाई देती है. जी हां इस मंदिर का प्रसाद खाने से और घर ले जाने से भी मना किया जाता है. यह तक की इस मंदिर में enter करते ही आपको किसी से भी बात नहीं करनी चाहिए. तो दोस्तो आज के इस लेख में हम राजस्थान में बसा मेहंदी बालाजी मंदिर के रहस्य के बारे में बताने वाले है. तो चलिए जानते है(Balaji Mandir History In Hindi).

Mehendipur Balaji का रहस्य(Balaji Mandir History In Hindi)

राजस्थान में बसा बालाजी मंदिर, ये स्वयं हनुमान जी का मंदिर है जिन्हे बालाजी भी बुलाते है. लेकिन ये मंदिर भूत प्रेतो को निकालने के लिए बहुत ही ज्यादा famous हैं. इस मंदिर में हनुमान जी के साथ साथ प्रेतराज सरकार और भैरव बाबा की भी मूर्ति है. दोस्तो आज हम आपको बालाजी मंदिर के बारे में कुछ 5 चीज ऐसी बताने वाले है वो शायद ही आपने पहले कभी सुनी होगी.

1. पंडित जी डालते है भूत पर पानी

ये बालाजी मंदिर definitly किसी कमजोर दिल वाले इंसान के लिए तो बिल्कुल भी नहीं है. क्योंकि जिस तरह का माहौल यहां होता है उसे देखकर तो अच्छे अच्छों की लग जाती है. मंदिर में आते ही आपको ऐसा लगेगा कि आपके चारो साइड Negative Energies है.

इस मंदिर में चार चैंबर्स है पहले दो चैंबर्स में हनुमान जी और भैरव बाबा की मूर्ति है और वहा उनकी पूजा की जाती है. उसके बाद जो होल आता है उसका नजारा देखकर तो आप चौक जायेंगे. इस होल में आपको बहुत सारे लोगो में आत्माओं के लक्षण देखने को मिलेंगे.

इसमें बहुत से लोग तो अपने सिर को हिलाते और ऐसी खतरनाक हरकते करते हुई दिखाई दे जायेंगे. जिसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे. इनका ये नजारा बहुत भयानक होता है. पंडित जी कभी कभी इन लोगो पर गर्म पानी भी डालते है. जरा सोचो की आप ये रीयल में देखोगे तो आपको कैसा लगेगा.

2. बालाजी मंदिर के नियम

  • इस रहस्यमई मंदिर के कुछ रूल्स और रेगुलेशन है अगर आप उन्हे नहीं फॉलो करोगे तो शायद आप पर भी बुरी आत्मा का सायां मंडराता रहेगा.
  • सबसे पहला ये rule है की जैसे ही आप मंदिर में जाते हो तो आपको न ही किसी अनजान व्यक्ति से बात करनी है और न ही किसी का दिया कुछ खाना है.
  • यहां तक की आपको यहां किसी अनजान को छुने तक को मना किया जाता है. क्योंकि यहां लगभग वो लोग आते है जिनमें भूत प्रेत से पीड़ित होते है यानी कि उनमें भूत होने के लक्षण होते है. तो ऐसे में किसी को छूना भी dangerous हो सकता है.
  • बालाजी मंदिर जाते समय आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना है कि आपको पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए. क्योंकि ऐसा माना जाता है कि वहा बुरी आत्मा आपको देखती रहती है. अगर आप पीछे मुड़कर देखते हो तो वो बुरी आत्मा आपके पीछे भी आ सकती है.
  • यहां एक rule ऐसा भी है की इस मंदिर में आने से एक हफ्ते पहले आपको प्याज, अंडा, शराब, मांस और यहां तक लहुसन को भी छोड़ देना चाहिए.

3. क्यों नहीं खाया जाता यहां पर प्रसाद

जब हम कभी किसी में मंदिर में जाते है तो वहा पर हमे प्रसाद दिया ही जाता है जो कि हम खाते भी है और घर भी लेके जाते है. लेकिन इस मंदिर में कुछ अलग ही बात है. मंदिर में जाते समय बहुत से दुकानदार आपको प्रसाद लेने के लिए कहेंगे. लेकिन आपको उनसे प्रसाद नहीं लेना चाहिए.

बालाजी मंदिर में न तो आप प्रसाद खा सकते हो और न ही किसी को दे सकते हो. यहां तक की आप प्रसाद घर लेकर भी नहीं जा सकते. यहा ऐसा माना जाता की आप प्रसाद के साथ साथ उस आत्मा को भी घर लेकर आते हो.

मंदिर के प्रसाद के साथ साथ आप कोई भी पैकेट या फिर किसी भी तरह का सामान अपने घर नही लेके जा सकते और इस गांव से खरीदी हुई कोई भी चीज आप अपने घर नहीं लेके जा सकते. और इस मंदिर से लोटते ही आपको वो गांव छोड़ने की भी सलाह दी जाती है. ऐसे कहा जाता है कि जितना जल्दी हो सके उस गांव को छोड़ देना चाहिए.

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4. बालाजी के पसीने से निकाला जाता है भूत

मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में जो हनुमान जी की मूर्ति है उसके लेफ्ट साइड पर एक छोटा सा छेद है. जहा पे लगातार वहा से पानी बहता रहता है. लोगो के मुताबिक, यहां पर बह रहा पानी बालाजी का पसीना है और इसीलिए यहां पर आने वाले सभी भक्तो पर इस पानी की छींटे मारी जाती है.

बालाजी मंदिर में लगभग आत्माओं वाले लोगो को ही लाया जाता है. इन लोगो की बॉडी पर नेगेटिव एनर्जी का कब्जा होता है. लेकिन बालाजी मंदिर में आने के बाद ना जाने कितने लोग अपनी समस्या से मुक्ति पाते है. इसीलिए तो यहां इतनी भीड़ पाई जाती है.

5. मंदिर में सभी देवताओं को अलग अलग प्रसाद चढ़ाया जाता है

बालाजी मंदिर में तीनों देवी देवताओं को अलग अलग प्रसाद चढ़ाया जाता है. बालाजी के लड्डू और भैरव बाबा को उड़द का प्रसाद चढ़ाया जाता है. ऐसा माना जाता है की बालाजी प्रसाद के दो लड्डू खाने के साथ वो लोग जिन पर भूत प्रेत का वास हो वो इस प्रसाद को खाने के बाद अजीब अजीब हरकते करने लगते है.

ऐसा कहते हैं की प्रसाद खाने के बाद जिन पर भूत का साया होता है वो झटपटाने लगते है. और यहां पर ऐसा कहा जाता है की जो आपको यहां प्रसाद दिया जाता है वो आपको पीछे की ओर फेकना होता है और फिर पीछे की ओर मुड़के नहीं देखा जाता है.

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FAQ:

मेहंदीपुर बालाजी जाने से पहले क्या करना चाहिए?

इस मंदिर में आने से एक हफ्ते पहले आपको प्याज, अंडा, शराब, मांस और यहां तक लहुसन को भी छोड़ देना चाहिए.

बालाजी और हनुमान जी में क्या अंतर है?

राजस्थान में बसा बालाजी मंदिर, ये स्वयं हनुमान जी का मंदिर है जिन्हे बालाजी भी बुलाते है. इन दोनो में कोई अंतर नही है.

दोस्तो अगर आपको कभी इस मंदिर में जाने का मौका मिले तो क्या आप जाओगे हमे कॉमेंट में जरूर बताएगा. मुझे आशा है कि आपको ये (Balaji Mandir History In Hindi) का लेख अच्छा लगा होगा. यदि आपको ये लेख अच्छा लगा हो तो शेयर करना ना भूले और आपके जो भी सवाल हो वो नीचे दिए गए कॉमेंट में पूछ सकते हैं.
धन्यवाद.


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